2025 की दुखद घटनाएं
2025 की दुखद घटनाएं
जनवरी – मार्च 2025: भीड़ और नक्सल हमला
6 जनवरी — बीजापुर नक्सल हमला (छत्तीसगढ़)
चिरंजीवी नक्सल IED हमला में 8 सुरक्षा कर्मी व 1 ड्राइवर शहीद हुए। यह दो वर्षों में राज्य में सबसे बड़ा नक्सल हमला था।
8 जनवरी — तिरुपति भगदड़ (आंध्र प्रदेश)
वैकुंठद्वार दर्शन के दौरान भारी भीड़ में भगदड़, लगभग 6 लोगों की मौत, कई घायल।
29 जनवरी — महाकुम्भ मेला भगदड़ (उत्तर प्रदेश — प्रयागराज)
भीड़ नियंत्रण की विफलता से तीन दर्जन+ श्रद्धालुओं की मौत और सैंकड़ों घायल।
फरवरी — दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ (दिल्ली)
प्लेटफॉर्म पर अचानक भीड़ बाढ़ से दो दर्जन से अधिक यात्रियों की मौत और कई घायल।
2 फरवरी — डांग बस हादसा (गुजरात)
तीर्थयात्रियों से भरी बस गहरी घाटी में गिरने से कम से कम 5 मौतें।
अप्रैल – जून 2025: बड़ा एयर हादसा, संरचनात्मक दुर्घटनाएँ
12 जून — Air India क्रैश (अहमदाबाद)
Air India Flight 171 के क्रैश में 240+ यात्रियों सहित आसपास के लोगों पर भी भारी हानि हुई। यह भारत के इतिहास के सबसे बड़े विमान हादसों में से एक है।
15 जून — पुणे पुल ढहना (महाराष्ट्र)
कुंडमाला पुल के ढहने से 4 की मौत और 51+ घायल हुए — संरचनात्मक कमजोरी पर सवाल उठे।
30 जून — तेलंगाना रसायन फैक्टरी विस्फोट (संगारेड्डी)
केमिकल फैक्टरी विस्फोट में 46 लोगों की मौत और 30+ घायल हुए; आसपास के इलाकों को भारी नुकसान।
जुलाई – सितंबर 2025: भीड़-दबाव, धार्मिक/सामाजिक कार्यक्रमों में त्रासदी
4 जून — RCB विजय जूलूस भगदड़ (कर्नाटक)
11 लोग मारे गए जब रोमांचित फ़ैन्स की भारी भीड़ अचानक से घिरी।
मई – मंदिर/जात्राओं में भगदड़
गोवा के सिद्ध देवी मंदिर में भीड़ के दबाव से 6+ लोगों की मौत, दर्जनों घायल।
27 सितंबर — करूर रैली भगदड़ (तमिलनाडु)
राजनीतिक कार्यक्रम में भीड़ नियंत्रण विफलता से लगभग 40+ लोगों की मौत, वर्ष का सबसे बड़ा स्टैम्पीड।
अक्टूबर – दिसंबर 2025: सड़क दुर्घटनाएँ, विस्फोट और बड़ा बस हादसा
14 अक्टूबर — जैसलमेर बस आग (राजस्थान)
निजी बस में शॉर्ट-सर्किट से आग लगने पर 26 यात्रियों की मौत, कई घायल।
10 नवंबर — दिल्ली कार विस्फोट (दिल्ली)
लाल किला के पास कार बम विस्फोट में 15+ लोगों की मौत और 20+ घायल; इसे बाद में आतंकी हमला करार दिया गया।
14 नवंबर — नोवगाम विस्फोट (जम्मू एवं कश्मीर)
श्रीनगर के पुलिस स्टेशन में विस्फोट में 9 लोग मरे और 27-32 घायल; यह जांच में हादसा बताया गया।
दिसंबर — उच्च-वे एक्सप्रेसवे सड़क दुर्घटनाएँ
मौसम/धुंध की वजह से वाहनों की कई टक्करों में दसियों की मौत और चोटें (स्थानीय रिपोर्टों में व्यापक उल्लेख है)।




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