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नर से नारायण पतित से पावन धर्मपरायण बनाते हैं दक्षलक्षण धर्म- मुनि श्री दुर्लभ सागर

नर से नारायण पतित से पावन धर्मपरायण बनाते हैं दक्षलक्षण धर्म- मुनि श्री दुर्लभ सागर                    

क्षमा धर्म - दशलक्षण का प्रथम दिवस विशेष, नगर मे चल रहा मंगल चातुर्मास


                

आरोन- नगर मे चल रहे परम पुज्य आचार्य भगवन 108 श्री विधासागर जी महामुनि राज के बात्सल्य  मुर्ति शिष्य108 श्री मुनि श्री दुर्लभ सागर का मंगल चातुर्मास नगर में हो रहा है इस चातुर्मास के अंतर्गत नित्य धर्म की गंगा बह रही है मुनि श्री के चातुर्मास अंतर्गत दश लक्षण धर्म पर बोलते हुए मुनिश्री ने कहा है कि है दश लक्षण धर्म हमें पतित से पावन नर से नारायण धर्म परायण बनाने के लिए दश लक्षण धर्म आते हैं अतः हमे दश दिनों मे क्रोध की आग से झुठ के अभिमान से कुटिलता की नागिन से लालच की कीच से असत्य के बीज से असंयम की दुगंध से इच्छा की द्वंद से परिग्रह के पास नरक के संताप से बासना के ताप से बचाने के लिऐं ये  लक्षण धर्म आते है अतः हमे इन दस दिनों में उत्तम दश लक्षण धर्म का पालन कर अपने जीवन को संयमित बनाकर मोक्ष मार्ग की ओर कदम बढ़ाने चाहिए हमें अपने आत्मा रूपी महल से समस्त प्रकार के कषाय रूपी गंदगी को निकाल कर ज्ञान रूपी दीपक को दश लक्षण धर्म में प्रकाशित करना है आज की आचार्य श्री की पूजन का सौभाग्य नरेश चंद भैय्याजी परिवार एवं विधा गुरु उपासक  सुरेश चंद सुनील कुमार पवन कुमार संजीव कुमार रामपुर परिवार परिवार को मिला मुनिश्री के मुखारविंद से विशेष शांतिधारा का बाचन हो रहा है आज की प्रथम शांति धारा नरेश चंद जैन भैया जी परिवार परिवार चातुर्मास अंतर्गत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन नित्य हो रहा है  आरोन में मुनि श्री के चातुर्मास अंतर्गत क्रोध विषय पर दुर्लभ वाणी प्रवचन माला में प्रतिदिन क्रोध के विषय में समझाया जा रहा है धर्म सभा में क्रोध विषय पर विशेष प्रवचन चल रहे है समस्त कार्यक्रम में सकल दिगंबर जैन समाज के साथ अध्यक्ष विजय कुमार डोडिया चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष मिंटू लाल जैन बाखर नरेश चंद उपस्थित रहे समस्त जानकारी के के सरकार द्वारा दी गयी

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