गोपाल मंदिर में गीता प्रचारक किए गए सम्मानित
नारी शक्ति चिंतन मंच से जुड़ी मातृशक्ति ने भव्यता से मनाया गुरु पूर्णिमा महोत्सव
गोपाल मंदिर में गीता प्रचारक किए गए सम्मानित
गीता के सशक्त विचार ही विश्व में युद्ध विभीषिका का अंत कर सकते हैं- कैलाश मंथन
राम नाम लेखन की पुस्तिकाएं निशुल्क वितरित की गई
गुना। नारी शक्ति चिंतन मंच भारत एवं अंतरराष्ट्रीय निशुल्क गीता प्रचार मिशन से जुड़ी मातृशक्ति द्वारा गुना शहर के गोपाल मंदिर नयापुरा में गुरु पूर्णिमा महोत्सव भव्यता से मनाया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजिका एवं मध्य प्रदेश की प्रमुख गीता प्रचारिका श्रीमती उषा विजयवर्गीय पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के संयोजन में मातृशक्ति द्वारा गीता प्रचार मिशन के संयोजक समाजसेवी कैलाश मंथन का शाॅल ,उपरना ,कंठी माला भेंटकर आत्मीयता से सम्मान किया गया। इस अवसर पर श्रीमती विजयवर्गीय एवं कैलाश मंथन ने गीता प्रचार मिशन से जुड़ी सभी वरिष्ठ बहनों एवं पंडित जी का राम नाम दुपट्टा उढाकर, माला पहनाकर हार्दिक स्वागत किया।गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोपाल मंदिर नयापुरा में नारी शक्ति चिंतन मंच एवं अंतर्राष्ट्रीय निशुल्क गीता प्रचार मिशन से जुड़ी वरिष्ठनेत्रियां श्रीमती उषा विजयवर्गीय पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के साथ शहर की प्रमुख समाजसेविकायें श्रीमती राजेश्वरी श्रीवास्तव ,श्रीमती कल्पना विजय वर्गीय ,श्री मती नीता तिवारी ,श्रीमती उषा रघुवंशी जी ने विशेष रूप से उपस्थित होकर नारी शक्ति का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान अंतर्राष्ट्रीय गीता प्रचार मिशन के संस्थापक कैलाश मंथन ने बताया पिछले एक दशक के दौरान अंचल में उनके एवं बहनों के द्वारा करीब 36000 गीता जी की प्रतियां निशुल्क वितरित की जा चुकी हैं, वहीं देश के अन्य प्रदेशों में करीब सवा लाख गीता की प्रतियां वितरित की जा चुकी हैं। इनमें पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड ,मध्य प्रदेश ,उड़ीसा ,हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, असम, महाराष्ट्र ,बिहार ,झारखंड, दिल्ली प्रदेश सहितअनेकों प्रदेशों में नारी शक्ति चिंतन मंच एवं अंतर्राष्ट्रीय निशुल्क गीता प्रचार मिशन के तहत घर घर में गीता प्रचार एवं स्वाध्याय के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। बिना बाहरी सहयोग के मातृशक्ति एवं कार्यकर्ता निजी तौर पर यह अभियान चला रहे हैं। गीता के अध्ययन से मृत्यु का भय दूर होता है, आत्म बल मिलता है एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है। वर्तमान काल में विश्व में चल रही युद्ध की विभीषिका एवं अशांति का अंत गीता के विचारों से ही संभव है। क्योंकि महाभारत युद्ध के दौरान भगवान कृष्ण के अर्जुन को दिए गए दिव्य उपदेश ने हीं कौरवों के अधर्म का अंत किया था। इस अभियान को विराट स्वरूप बनाने के लिए संस्थापक कैलाश मंथन ने गीता प्रचारकों ,मातृशक्ति का आभार व्यक्त किया। गोपाल मंदिर में हुए गुरु पूर्णिमा महोत्सव का समापन पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती उषा बिजयवर्गीय ने आभार व्यक्त करके किया। उन्होंने कहा वर्तमान में हमारे देश में गीता जैसे महान ग्रंथ घर घर में होना चाहिए ।हमने यह बीड़ा उठाया है। जिसके पास गीता नहीं है उसे हम गीता देंगे यह कार्यक्रम सतत जारी रहेगा। मिशन के संस्थापक कैलाश मंदिर द्वारा किया जा रहा निस्वार्थ भाव से गीता प्रचार अभियान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल गया है लोगों द्वारा स्वेच्छा से आगे बढ़कर घर घर में गीता स्थापित की जा रही है।*
पुष्टिमार्गीय केंद्रों पर 30 दिवसीय हिंडोला महोत्सव का शुभारंभ
गुना। गुरु पूर्णिमा से श्रावण महोत्सव के तहत भक्ति केंद्रों पर 30 दिवसीय श्रावण हिंडोला महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है। पुष्टिमार्गीय मदिरों एवं सत्संग मंडलों में श्रावण कृष्ण द्वितीय से हिंडोला महोत्सव के तहत 30दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अंचल के गुना, बमोरी, फतेहगढ़, ऊमरी, भिडरा, लालोनी, कालोनी, परवाह, बनेह सहित करीब 150 ग्रामों एवं सत्संग मंडलों में इस अवसर पर विशेष मनोरथ, फूल बंगलों का आयोजन होता है। यह कार्यक्रम रक्षाबंधन तक आयोजित किया जाता है।
नि:शुल्क गीता वितरण की गई
अंतर्राष्ट्रीय वैष्णव परिषद के प्रांतीय प्रचार प्रमुख कैलाश मंथन ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर गीता वितरण के 37 वें दौर के तहत श्रीमद् भगवद गीता की नि:शुल्क प्रतियां भेंट की। श्री मंथन ने बताया कि अब तक 36 हजार परिवारों तक नि:शुल्क श्रीमद् भगवद गीता की प्रतियां पहुंचाई जा चुकी हैं। गुरुपूर्णिमा से गीता वितरण का 37 वां दौर आरंभ हुआ।
गुरुपूर्णिमा से हुआ भगवन्नाम जाप अनुष्ठान का शुभारंभ
इसी श्रृंखला में देवउठनी ग्यारस तक अंचल में सवा सौ धार्मिक केंद्रों पर महामंत्र ओम नमो भगवते वासुदेवाय का सतत जाप अनुष्ठान का शुभारंभ गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व से हुआ।
गुरु की कृपा से होता है सदैव मानव का कल्याण- मंथन
विराट हिन्दू उत्सव समिति एवं चिंतन मंच के तहत धार्मिक भक्ति केंद्रों पर भगवन्नाम जाप संकीर्तन के साथ गुरु पूर्णिमा पर गुरुओं एवं जगदगुरु भगवान श्रीकृष्ण की सेवा, पूजा एवं अर्चना की गई। इस अवसर पर चिंतन हाउस सर्राफा बाजार में जगदगुरु भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर विराट हिन्दू उत्सव समिति के प्रमुख एवं चिंतन मंच के संस्थापक कैलाश मंथन ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव के तहत हुए बौद्धिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु का आशीर्वाद एवं गुरु की कृपा जिस पर होती है उसका सदैव कल्याण होता है। गुरु साक्षात ईश्वर का रूप होता है। गुरु भक्ति को अज्ञानान्धकार से निकाल कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करता है। गुरु इंसान को विवेक और बुद्धि प्रदान करता है। अक्षर ज्ञान कराता है।




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