ग्लोबल वार्मिंग या ग्लोबल बोईलिंग जीव समुदाय के लिए संकट की आहट
ग्लोबल वार्मिंग या ग्लोबल बोईलिंग जीव समुदाय के लिए संकट की आहट
गुना -पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग से जूझते हुए ग्लोबल बोईलिंग की ओर जा रही है जैसे जैसे वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैस कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा 424 पीपीएम से 450 पीपीएम खतरे की सीमा की ओर बढ़ रही है और तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस को पार करने की ओर अग्रसर है तथा मीथेन की मात्रा भी बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे पृथ्वी का आभामंडल ग्लोबल बोईलिंग का स्थान लेता जा रहा है इसके प्रति आमजन को भविष्य में होने वाली संभावित भीषण पर्यावरणीय आपदाओं को रोकने के लिए हम्बीरसुचेता सिंह व सुचेताहम्बीर सिंह निस्वार्थ स्वाधीन पर्यावरण शिक्षा प्रसार एवं सामाजिक और अर्थ आवर-क्लाईमेट चेंज नियंत्रण जागरूकता अभियान कार्यकर्ता कुलदीपिका सिंह मेमोरियल पर्यावरण जागरूकता अभियान के माध्यम से जगह जगह स्कूलों व सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान संचालित कर रहे हैं कि बिना समय व्यतीत किए हर व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत आधार पर इस ग्लोबल बोईलिंग के प्रभाव को कम से कम करने के लिए हर स्तर पर ऊर्जा संरक्षण, अक्षय ऊर्जा उपयोग, पानी के संरक्षण, जंगल के संरक्षण, व्यक्तिगत रूप से वृक्षारोपण करना, पैट्रोलियम ईंधन को बचाना, साइकिल व विधुत वाहनों को बढ़ावा देना, कपड़ों को बिना प्रेस किये पहनना, नहाने में पानी की बचत करना आदि कई पहलुओं को अपनाने को कह रहे हैं । एक पेड़ करीब प्रति बर्ष करीब 18 किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड को सोखने में सहयोग देता है। एक किलोमीटर दूर साईकिल से तय करने पर करीब 150 ग्राम और एक बिजली की यूनिट से 800 ग्राम तक कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को रोका जा सकता है। एक पेज की बचत करीब 5 लीटर पानी की बचत का योगदान मिलता है। छात्रों को पैन पेंसिल से लेकर कापी किताब आदि सभी को अति दक्षता से उपयोग करने की समझाइश दी जा रही है कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से हर छोटी-बड़ी वस्तुएं बहुत कीमती व उपयोगी हैं। छात्रों और आमजन को वर्तमान व भविष्य के स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों , सौर ऊर्जा, द्वितीय व तृतीय स्तर के जैव ईंधन, बायोगैस, हाईड्रोजन ईंधन को उपयोग करने के लिए भी जानकारी दी जा रही है। मुख्य संदेश में जागरूक किया है कि ऊर्जा संरक्षण व ऊर्जा दक्षता और वृक्षारोपण ग्लोबल बोईलिंग की घटनाओं को रोकने का एक सरल साधन हैं। हर आमजन को जागरूक किया कि पर्यावरण के लिए जीवन शैली अपनाते हुए जन्मदिन, सालगिरह आदि पर वृक्षारोपण अवश्य करें। इन जागरूकता अभियानों को रामबाग, ट्रांस यमुना, नारायच, सौ फुटा, टेड़ी बगिया व ग्रीन कोंवेंट स्कूल कालिंदी विहार, ब्रिज पब्लिक स्कूल ट्रांस यमुना , शासकीय विद्यालयों शाहदरा, निनुहाई व चीनी का रोजा, जगदम्बा इंटर कालेज, बैकुंठी देवी इंटर कालेज टेड़ी बगिया आगरा उप्र में जागरूकता अभियानों को चलाया जो निरंतर जारी है।




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