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हृदय स्वास्थ्य एक गंभीर समस्या बचाव के लिए करे योग प्राणायाम:- योगाचार्य महेश पाल

हृदय स्वास्थ्य एक गंभीर समस्या बचाव  के लिए करे योग प्राणायाम:- योगाचार्य महेश पाल 


गुना -गायत्री मंदिर में चल रहे है योग सत्र के दोरान योगाचार्य महेश पाल ने बताया कि, दुनियाँ तेजी से बदल रही है जिसके कारण बदलती मानवीय जीवनशैली का सबसे गंभीर प्रभाव मानव हृदय पर पड़ा है। आज हृदय रोग केवल वृद्धावस्था तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि यह युवाओं में भी बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। वैश्विक स्तर पर हर साल लाखों लोग दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण अपनी जान गंवा रहे हैं। पिछले दो-तीन वर्षों से कम उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे गए हैं। पचास वर्ष से कम उम्र के 50 फीसदी और 40 वर्ष से कम उम्र के 25 फीसदी लोगों में हार्ट अटैक का जोखिम देखा गया है कुछ वर्षों पूर्व पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हार्ट अटैक के मामले कम थे। एक नए शोध में यह हृदय रोग अब बराबर देखे गए। हृदय रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई। कुछ वर्षों पूर्व वृद्धावस्था में होने वाली इस बीमारी ने युवकों को भी शिकार बना लिया है। वर्तमान में हार्ट अटैक युवाओं में होने के अनेकों अनेक कारणों का समावेश होता रहा है! इसमें आधुनिक खान पान और जीवन शैली महत्वपूर्ण है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार दुनियाँ के कुल हृदय रोगियों में से 60 प्रतिशत मरीज अकेले भारत में ही होने की संभावना व्यक्ति की गई है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए हर वर्ष विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2025 का विषय है एक धड़कन न चूकें यह संदेश केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि एक सामूहिक चेतावनी है कि यदि अब भी लोग, समाज और सरकारें सक्रिय नहीं हुए तो हृदय रोग एक वैश्विक महामारी का रूप ले लेगा। चूँकि हार्ट अटैक समस्या का संभावित समाधान जीवनशैली में सख्त आचार संहिता अपनाकर ओर अपनी दिनचर्या में योग प्राणायाम को शामिल कर हृदयघात से  होने वाली मौतों को रोकने में सहभागी बनें अगर हम हार्ट अटैक क्या है और कैसे होता है? इसको समझने की कोशिश करें तो, हार्ट अटैक, इसे चिकित्सकीय भाषा में मायोकार्डियलइंफाशन कहा जाता है, तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों तक रक्त का प्रवाह अचानक बाधित हो जाता है। यह स्थिति प्रायः तब उत्पन्न होती है जब कोरोनरी आर्टरी (हृदय की रक्तवाहिका) में प्लाक (कोलेस्ट्रॉल, वसा और अन्य तत्वों का जमाव जमा होकर ब्लॉकेज पैदा कर देता है। इस ब्लॉकेज से हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती और परिणामस्वरूप हृदय की कोशिकाएं मरने लगती हैं। यदि समय पर इलाज न मिले तो यह व्यक्ति की जान भी ले सकता है। इसके लक्षण कई बार अचानक और गंभीर हो सकते हैं जैसे सीने में तेज दर्द या दबाव, पसीना आना, सांस फूलना, जबड़े या बांह में दर्द, मतली या बेहोशी। वहीं, कुछ मामलों में हल्के संकेत भी मिलते हैं जिन्हें लोग सामान्य थकान या गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, और यही लापरवाही जीवन के लिए घातक सिद्ध होती है। हार्ट अटैक की समस्या से बचाव के लिए योग प्रणामी काफी उपयोगी है जिसमें योग और प्राणायाम के द्वारा हार्ट अटैक की समस्याओं से बचा जा सकता है योग के अंतर्गत सूर्य नमस्कार, ताड़ासन त्रियक ताड़ासन, भुजंगासन, वज्रासन, वीरभद्रासन ,अनुलोम विलोम प्राणायाम, नाड़ी शोधन प्राणायाम, योगनिद्रा ध्यान आदि के अभ्यास से हार्ट अटैक की समस्या से बचा जा सकता है वहीं अपनी दैनिक दिनचर्या में परिवर्तन कर और अपनी भोजनाचार्य को व्यवस्थित कर, अपनी दिनचर्या में योग को शामिल किया जा सकता है और हार्ट अटैक के साथ-साथ अन्य गंभीर बीमारियों से भी बचा जा सकता है,

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