बच्चों युवाओं के स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित 10 दिवसीय विशेष योग सत्र का आयोजन
बच्चों युवाओं के स्वास्थ्य समस्याओं से संबंधित 10 दिवसीय विशेष योग सत्र का आयोजन
वर्तमान समय में बढ़ती बच्चो व युवाओं में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए गायत्री मंदिर गुना में योगाचार्य महेश पाल के मार्गदर्शन में विशेष योग शिविर का आयोजन दिनांक 27 सितंबर से 6 अक्टूबर तक किया जा रहा है, जिसमें मुख्य रूप से 2 सत्र आयोजित किए जाएंगे एक सुबह के समय ओर एक साम के समय जिसमें बच्चों व युवाओं से जुड़ी समस्याओं से संबंधित योग अभ्यास कराया जाएगा वर्तमान समय में बच्चे हाइट न बढ़ना, मोटापा आंखों की समस्या, एकाग्रता, पढ़ाई में मन ना लगना, चिड़चिड़ापन तनाव, नींद की समस्या, असंतुलित शारीरिक विकास, दुबलेपन की समस्या, मोबाइल की लत, मधुमेह, ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित होते जा रहे हैं जिसकी वजह से बच्चे अपने पढ़ाई पर फोकस करने में इन समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष तौर पर 10 दिवसीय योग सत्र में कुछ महत्वपूर्ण योग अभ्यास कराए जाएंगे और उन्हें उनके दिनचर्या और भोजन आहारचर्या के बारे में विशेष रूप से जानकारी दी जाएगी योग अभ्यास के अंतर्गत सूर्य नमस्कार, आसन प्राणायाम, मुद्रा बंध, ध्यान, प्रज्ञायोग, योग निद्रा ध्यान चन्द्रनमस्कार, त्राटक क्रिया, कपालभाति क्रिया का अभ्यास कराया जाएगा बही बच्चों में शारीरिक विकास और रोगों को दूर करने के लिए मुख्य रूप से सूर्य नमस्कार व विभिन्न प्रकार के आसनों का अभ्यास कराया जाएगा, मानसिक समस्याओं के लिए प्राणायाम व ध्यान का अभ्यास कराया जाएगा, एकाग्रता बढ़ाने के लिए योग निद्रा ध्यान का अभ्यास कराया जाएगा, आंखों से संबंधित समस्याओं के लिए त्राटक क्रिया का अभ्यास कराया जाएगा, पाचन तंत्र व गैस से संबंधित समस्याओं के लिए कपालभाति क्रिया व त्राटक क्रिया का अभ्यास कराया जाएगा बच्चे व युवा फास्ट फूड, जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक, तंबाकू सेवन सिगरेट, शराब मांस सेवन से बचे रहे इसके लिए भोजन की प्रकृति के बारे में जानकारी दी जाएगी भगवत गीता के अनुसार भोजन तीन प्रकार का बताया गया है सात्विक राजसिकी और तामसिक, सात्विक व यौगिक भोजन करने के लिए बच्चों को मोटिवेट किया जाएगा जिससे कि वह फास्ट फूड जंक फूड की लत से बचे, योगाचार्य महेश पाल ने बताया कि यह 10 दिवसीय योग शिविर का मुख्य उद्देश्य वर्तमान में तेजी से बढ़ रही बच्चों व युवाओं को गंभीर बीमारियों से बचाना है और उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है जिससे आने वाले समय में हमारे बच्चे और युवा पीढ़ी योग से शारीरिक मानसिक आध्यात्मिक और बौद्धिक रूप से स्वस्थ बने, अगर बच्चे और युवा वर्तमान समय में अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं हुए और उन्होंने अपनी भोजनचर्या और दैनिक दिनचर्या में परिवर्तन नहीं किया तो आने वाले समय में गंभीर रोगों के शिकार हो जाएंगे जिससे उनको अपने जीवन में कोई बड़े लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाने में असफलता का सामना करना पड़ सकता है,




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