गुरु की कृपा से होता है सदैव मानव का कल्याण -कैलाश मंथन
गुरूपूर्णिमा से शुरू हुआ पुष्टिमार्गीय केंद्रों पर 30 दिवसीय हिंडोला महोत्सव का शुभारंभ
गुरु की कृपा से होता है सदैव मानव का कल्याण -कैलाश मंथन
गुरु पूर्णिमा पर हुआ निशुल्क गीता वितरण
गुना। गुरु पूर्णिमा से श्रावण महोत्सव के तहत उसकी भक्ति केंद्रों पर हिंडोला महोत्सव का भव्य शुभारंभ हो गया है। पुष्टिमार्गीय मदिरों एवं सत्संग मंडलों में श्रावण कृष्ण द्वितीय से हिंडोला महोत्सव के तहत 30दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अंचल के बमोरी, फतेहगढ़, ऊमरी, भिडरा, लालोनी, कालोनी, परवाह, बनेह सहित करीब 150 ग्रामों एवं सत्संग मंडलों में इस अवसर पर विशेष मनोरथ, फूल बंगलों का आयोजन होता है। यह कार्यक्रम रक्षाबंधन तक आयोजित किया जाता है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विराट हिन्दू उत्सव समिति के प्रमुख कैलाश मंथन ने बताया कि मध्यभारत के पुष्टि भक्ति केंद्रों श्रीकृष्ण: शरणं ममं का जाप हुआ एवं गुरुजनों को याद किया गया। व्यास पूर्णिमा के दिन बड़ी संख्या संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान कृष्ण की भक्ति, नाम संकीर्तन, जाप किया।
गुरु पूर्णिमा पर हुआ नि:शुल्क गीता वितरण कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय वैष्णव परिषद के प्रांतीय प्रचार प्रमुख कैलाश मंथन ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर गीता वितरण के 37 वें दौर के तहत श्रीमद् भगवद गीता की नि:शुल्क प्रतियां भेंट की। श्री मंथन ने बताया कि अब तक 36 हजार परिवारों तक नि:शुल्क श्रीमद् भगवद गीता की प्रतियां पहुंचाई जा चुकी हैं। गुरुपूर्णिमा से गीता वितरण का 37 वां दौर आरंभ हुआ।
गुरुपूर्णिमा से हुआ भगवन्नाम जाप अनुष्ठान का शुभारंभ
हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने बताया कि पिछले पांच साल के दौरान मानव धर्म की रक्षा के लिए चिंतन मंच हिउस के तहत लगातार नाम जप, गीता स्वाध्याय, ध्यान, भक्ति योग आदि कार्यक्रम चलाएं जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में देवउठनी ग्यारस तक अंचल में सवा सौ धार्मिक केंद्रों पर महामंत्र ओम नमो भगवते वासुदेवाय का सतत जाप अनुष्ठान का शुभारंभ गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व से हुआ। श्री मंथन ने बताया कि इस महामंत्र की सामूहिक ऊर्जा से मानव मात्र का कल्याण होता है।
गुरु की कृपा से होता है सदैव मानव का कल्याण- मंथन
उधर अंचल में गुरुपूर्णिमा महोत्सव भव्यता से मनाया गया। विराट हिन्दू उत्सव समिति एवं चिंतन मंच के तहत धार्मिक भक्ति केंद्रों पर भगवन्नाम जाप संकीर्तन के साथ गुरु पूर्णिमा पर गुरुओं एवं जगदगुरु भगवान श्रीकृष्ण की सेवा, पूजा एवं अर्चना की गई। इस अवसर पर चिंतन हाउस सर्राफा बाजार में जगदगुरु भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर विराट हिन्दू उत्सव समिति के प्रमुख एवं चिंतन मंच के संस्थापक कैलाश मंथन ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव के तहत हुए बौद्धिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु का आशीर्वाद एवं गुरु की कृपा जिस पर होती है उसका सदैव कल्याण होता है। गुरु साक्षात ईश्वर का रूप होता है। गुरु भक्ति को अज्ञानान्धकार से निकाल कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करता है। गुरु इंसान को विवेक और बुद्धि प्रदान करता है। अक्षर ज्ञान कराता है। महर्षि वेदव्यास ने देखा कि द्वापर के बाद कलियुग में मानव समाज में अल्पबुद्धि एवं विवेक का अभाव होगा इसलिए उन्होंने 18 पुराणों, वेदों, उपनिषदों, महाभारत आदि महान ग्रंथों का सरलीकरण करके सनातन धर्म में गुरु का स्थान सर्वोपरि कर दिया। इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा का दर्जा देकर महर्षि वेद व्यास को भारतीय संस्कृति में श्रद्धा से याद किया जाता है।





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