ध्यान साधना नाम जप का सर्वश्रेष्ठ समय है चातुर्मास- कैलाश मंथन
देव शयनी ग्यारस पर हुआ धार्मिक समागम, नाम संकीर्तन सत्संग
चातुर्मास में नाम जप संकीर्तन ध्यान योग परम कल्याण के प्रमुख साधन -कैलाश मंथन
ध्यान साधना नाम जप का सर्वश्रेष्ठ समय है चातुर्मास- कैलाश मंथन
10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर होंगे भव्य कार्यक्रम
गुना। देवशयनी ग्यारस पर विराट हिन्दू उत्सव समिति, चिंतन मंच के तहत सत्संग, संकीर्तन, गीता स्वाध्याय, नाम जप के कार्यकम आयोजित हुए।चिंतन हाउस, सत्संग भवन, अंचल के भक्ति केद्रों, सत्संग मंडलों मैं एकादशी से ओम नमो भगवते वासुदेवाय महामंत्र का नाम जप स्मरण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। जो देव उठनी ग्यारस तक चलेगा। वहीं गीता स्वाध्याय ,श्री विष्णु एवं गोपाल सहस्त्रनाम के पाठ सुंदरकांड, हनुमान चालीसा नाम संकीर्तन के कार्यक्रम आयोजित हुए। इस अवसर श्री द्वारकाधीश मंदिर पर विराट हिंदु उत्सव समिति के प्रमुख कैलाश मंथन ने कहा ध्यान योग नाम जप संकीर्तन से मानव का कल्याण होता है। चातुर्मास मानव जीवन में साधना के लिए सबसे उपयुक्त समय है। देव शयनी ग्यारस के अवसर पर विराट हिउस, चिंतन मंच, अंतर्राष्ट्रीय नि:शुल्क गीता प्रचार मिशन भारत एवं नारी शक्ति चिंतन मंच ग्रुप के तहत जगद्गुरु भगवान कृष्ण की सेवा, पूजा अर्चना की गई । वहीं श्रीमद् भगवद् गीता प्रचार अभियान के 37वें दौर के तहत नि:शुल्क गीता वितरण का शुभारंभ हुआ। अब तक अंचल में 37हजार परिवारों तक नि:शुल्क गीता स्थापित की गई हैं। हिउस प्रमुख कैलाश मंथन के मुताबिक देश के 13प्रांतों में सवा लाख परिवारों तक आगामी दिनों में गीता स्थापित करने का लक्ष्य है।
कार्यक्रम में नारी शक्ति ग्रुप से जुड़ी हुई मातृशक्ति बहनों ने श्रद्धा भक्ति पूर्वक नाम जप गायत्री मंत्र का उच्चारण एवं दीपदान कर सत्संग में भागीदारी की।
गुरु पूर्णिमा से होगा सवा सौ करोड़ महामंत्र ओम नमो भगवते वासुदेवाय का जाप
अंचल में 10 जुलाई गुरु पूर्णिमा महोत्सव भव्यता से मनाया जाएगा। मानवमात्र को एकांत साधना, इष्टमंत्र का जाप, संयमित जीवन, ध्यान, योग, स्वाध्याय ही एकमात्र कल्याण एवं परामात्मा प्राप्ति का एकमात्र साधन है। जीवन यात्रा के दौरान आने वाली विपत्तियों एवं बाधाओं से छुटकारा पाने के लिए सत्संग एवं सनातन संस्कृति के आधार नाम संकीर्तन भक्ति योग आदि अपनाया जाना जरूरी ।




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