Breaking News

आत्मबल प्रदान करता है सुंदरकांड का पाठ : कैलाश मंथन

आत्मबल प्रदान करता है सुंदरकांड का पाठ : कैलाश मंथन

 हनुमान जन्मोत्सव पर विराट हिउस, चिंतन मंच ने किए भव्य कार्यक्रम

नि:शुल्क सुंदरकांड  गीता वितरण का 34वां दौर प्रारंभ हुआ

विराट शक्ति दिवस के रूप में मनाया गया हनुमान जन्मोत्सव 


गुना। विराट हिन्दू उत्सव समिति चिंतन मंच के तहत हनुमान जयंती पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। अंचल के अनेकों मंदिरों, धार्मिक केंद्रों पर सामूहिक सुंदरकांड, रामचरित मानस के पाठ, संकीर्तन, बौद्धिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। विराट हिन्दू उत्सव समिति के प्रमुख कैलाश मंथन ने शहर के प्रमुख मंदिरों,  सार्वजनिक स्थलों पर नि:शुल्क सुंदरकांड, हनुमान चालीसा वितरण किए। अनेकों स्थानों पर शीलत जल एवं प्रसादी वितरण कार्यक्रम आयोजित हुए। जयस्तंभ चौराहा, हनुमान चौराहा,  मंदिरों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।  विराट हिन्दू उत्सव-चिंतन मंच के तहत श्री हनुमान जयंती  महाशक्ति दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर संकीर्तन सभा में हिउस चिंतन मंच के संयोजक कैलाश मंथन ने कहा कि भारतीय संस्कृति में श्री हनुमान जी का चरित्र अद्भुत है। बजरंगवली की उपासना से आत्मशक्ति जाग्रत होती है बुद्धि, बल एवं तेज की प्राप्ति होती है। श्री रामचरित्र मानस, सुंदरकांड का पाठ करने से आत्मबल प्राप्त होता है। मानव की खोई हुई सुप्त शक्ति जाग्रत होती है। बल बुद्धि के प्रतीक है श्री हनुमान जी। श्री हनुमान चौराहा पर संकीर्तन एवं महाप्रसादी वितरण की गई । वहीं जयस्तंभ चौराहे मंदिर पर बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किये , प्रसादी वितरण की गई। कलेक्टे्रट मंदिर पर बडी  संख्या में भक्तगणों ने उपस्थिति दर्ज कराई। शहर के प्रमुख मंदिरों में अखंड रामायण सुन्दर कांड कार्यक्रम संपन्न हुए। विराट हिन्दू उत्सव समिति प्रमुख कैलाश मंथन के मुताबिक अंचल के एक हजार से अधिक हनुमान मंदिरों में सुंदरकांड के पाठ संपन्न हुए।  अंचल के नब्वे प्रतिशत ग्रामों में श्रीहनुमान जी के एक हजार से अधिक मंदिर हैं।  वहीं गुना शहर में भी हनुमान जी के एक सैकड़ा से अधिक मंदिर स्थित है। मध्यभारत अंचल में बहुसंख्यक जनता के आराध्य देवता श्री बजरंगबली हैं। इस अवसर पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

हिउस अध्यक्ष कैलाश मंथन के मुताबिक पिछले एक दशक से श्री हनुमान जयंती शक्ति दिवस के रूप में मनाई जा रही है। हनुमान जी बल, बुद्धि, अष्टसिद्धि, नौ निधियों को प्रदान करने वाले देवता हैं। श्री मंथन ने बताया कि सुंदरकांड के पाठ से आत्मबल की प्राप्ति होती है हमें अपने अंदर छिपे हुए बल का ज्ञान होता है। विराट हिउस का मकसद है संपूर्ण समाज श्री हनुमानजी की भक्ति से पे्रेरणा ले एवं मानव जीवन का लक्ष्य प्राप्त करें। समिति प्रमुख कैलाश मंथन ने समस्त हिन्दू धर्मावलंबियों से आग्रह किया है कि कम से कम हनुमान चालीसा का पाठ नित्य करें एवं निकट के हनुमान मंदिर में अवश्य जाकर राम नाम का जाप करें। 

सर्वाधिक मंदिर श्री हनुमान जी के 

अंचल के 2250 गांवों एवं कस्बों में शहरी इलाकों में श्री हनुमान जी के पांच हजार से अधिक मंदिर हैं। विराट हिन्दू उत्सव चिंतन मंच प्रमुख कैलाश मंथन ने एक सर्वे रिपोर्ट में बताया कि गुना-अशोकनगर क्षेत्र में श्री हनुमान जी के पांच हजार से अधिक छोटे-बड़े मंदिर हैं। इलाके की प्रत्येक बस्ती, मोहल्ले, प्रमुख चौराहों सहित 90 फीसदी अन्य देवताओं के मंदिरों के साथ बालाजी सरकार के विग्रह विराजमान हैं। क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर प्रत्येक 5 किमी पर एक-दो मंदिर या मडिया हनुमान जी की स्थित है। यह हनुमानजी की लोकप्रियता एवं कलियुग में उनकी आराधना का सबसे बड़ा प्रमाण है। हनुमानजी की उपासना से सारे संकट, क्लेश, कष्ट दूर होते हैं। चिंतन मंच द्वारा चलाए जा रहे हरिनाम संकीर्तन में हरे राम जप अभियान में सभी वर्ग के लोगों से हिस्सेदारी की अपील हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने की है।

कोई टिप्पणी नहीं