गीता जीवन के महान लक्ष्य को प्राप्त कराती है- कैलाश मंथन
घर-घर गीता जन-जन गीता महाप्रचार अभियान का शुभारंभ
गीता जीवन के महान लक्ष्य को प्राप्त कराती है- कैलाश मंथन
गुना। अंतर्राष्ट्रीय नि:शुल्क गीता प्रचार मिशन, नारी शक्ति चिंतन मंच, विराट हिन्दू उत्सव समिति के तहत बसंत पंचमी से घर-घर गीता जन-जन गीता महाप्रचार अभियान का शुभारंभ हुआ। अब तक 33 दौर में 33 हजार गीता की प्रतियां नि:शुल्क वितरित की जा चुकी हैं। अभियान प्रमुख कैलाश मंथन के मुताबिक प्रत्येक देशवासी के हाथों में श्रीमद् भगवद गीता हो एवं प्रत्येक घर में गीता के विचार स्थापित हो, इस उद्देश्य से निशुल्क गीता वितरण करने का आव्हान हर भारतवासी से किया जा रहा है। गीता हमारा भारतीय दर्शन है। भगवान कृष्ण की अमृतवाणी गीता के विचार आत्मसात करने से आत्मबल की प्राप्ति होती है। मृत्यु का भय दूर होता है एवं जीवन के परम लक्ष्य की प्राप्ति होती है। विराट हिउस, चिंतन मंच प्रमुख कैलाश मंथन ने बताया कि देश के पन्द्रह प्रांतों में मप्र, उप्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब, बिहार, असम, महाराष्ट्र सहित अनेकोनेक राज्यों में करीब एक हजार मातृशक्ति गीता प्रचार कर स्वयं निजी तौर पर गीता जी को घर-घर एवं जन-जन में पहुंचा रही है। अब तक करीब सवा लाख प्रतियां अंतर्राष्ट्रीय नि:शुल्क गीता प्रचार मिशन, नारी शक्ति चिंतन मंच के तहत वितरित हो चुकी हैं।
इधर अंचल के प्रमुख मंदिरों में बसंत उत्सव उल्लास के साथ मनाया गया। हिउस प्रमुख कैलाश मंथन के मुताबिक अंचल के प्रमुख मंदिरों में बसंतोत्सव पर भगवान की विशेष आरती एवं प्राकृतिक टेसु के रंगों का प्रयोग कर भगवान की ओर भक्तों की ओर बौछार करने का प्रचलन है। श्री द्वारकाधीश मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों पर बसंत पंचमी महोत्सव पर रंग गुलाल लगाए गए एवं ठाकुरजी की आरती की गई। सरस्वती जयंती बसंत पंचमी पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान विराट हिन्दू उत्सव समिति के संस्थापक कैलाश मंथन ने कहा कि बुद्धि की देवी मां सरस्वती के ध्यान से विद्या सद्बद्धि की प्राप्ति होती है। सत्य के साधक को मां सरस्वती सिद्ध होती हैं। वाणी की पवित्रता मां वीणा पाणि की आराधना से सिद्ध होती है। सनातन धर्म में मां सरस्वती की आराधना के बिना सद्बुद्धि की प्राप्ति नहीं हो सकती। जिसने भी सरस्वती की आराधना की उसे महान बुद्धि, यश की प्राप्ति हुई। महर्षि वाल्मिकी, वेदव्यास, महामुनि शुकदेव जी से लेकर पुराण, उपनिषद, साहित्य सृजन करने वाले महान लेखकों को सरस्वती सिद्ध हुई। सभी आध्यात्मिक ग्रंथों की रचना मां सरस्वती की कृपा से ही संभव हुई। बसंत पंचमी युग परिवर्तन की प्रतीक है, बसंत ऋतु संपूर्ण सृष्टि को आनंद उल्लास में डुबाती है। मां सरस्वती की कृपा से ही अवतारों ने सृष्टि के हित में श्रेष्ठ बुद्धि रखकर सारे कार्य संचालित किए। इस दौरान प्रात: काल चिंतन हाउस में मां सरस्वती की पूजन अर्चना की गई। शहर के प्रमुख मंदिरों विराट हिउस के तहत हुए धाॢमक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। चिंतन मंच के तहत चितंन हाउस सर्राफा बाजार में गोष्ठी एवं सरस्वती पूजन का आयोजन हुआ।




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