दीपोत्सव से शुरू हुआ 38 वां नि:शुल्क गीता वितरण अभियान*
दीपोत्सव से शुरू हुआ 38 वां नि:शुल्क गीता वितरण अभियान*
गीता के विचार आत्म बल प्रदान करते हैं -कैलाश मंथन
गुना। धनतेरस एवं दीपावली के शुभ मुहूर्त के मौके पर से श्रीमद् भगवद् गीता नि:शुल्क वितरण का 38 वां दौर शुरू हुआ। गीता। जी की सैकड़ों प्रतियां धार्मिक केंद्रों सहित श्रद्धालुओं को नि:शुल्क वितरित की गईं। गीता वितरण का उक्त 38 वां दौर अंतर्राष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय वैष्णव परिषद के प्रांतीय प्रचार प्रमुख एवं विराट हिन्दू उत्सव समिति, चिंतन मंच के संस्थापक श्री मंथन के मुताबिक भारतीय धर्म दर्शन संस्कृति के प्रमुख ग्रंथ श्रीमद् भगवत गीता की अमर वाणी का प्रचार एवं सनातन धर्म संस्कृति के आधार उपनिषद संहिता की घर-घर में स्थापना के मकसद से महाप्रचार अभियान पिछले तीन दशक से चलाया जा रहा है। श्री मंथन के मुताबिक भगवान कृष्ण की अमृतवाणी श्रीमद् भागवत गीता आत्म बल प्रदान करती है।अब तक गीताजी की 37 हजार प्रतियों का नि:शुल्क वितरण चिंतन मंच के तहत किया जा चुका है। दीपोत्सव के तहत गुना ,हरिद्वार, भोपाल, लखनऊ, कोलकाता आदि केंद्रों पर गीता प्रचार अभियान के तहत घरों में गीता स्थापित की गई इस अवसर पर हरिद्वार में आयोजित गीता प्रचार मिशन में संयोजक बबीता सिंह जादौन एवं उनकी नारी शक्ति टीम द्वारा गीता प्रचारक कैलाश मंथन का स्वागत करते हुए मातृशक्ति को गीता वितरित की गई भोपाल मध्य प्रदेश मुख्यालय पर समाजसेवी श्री राधेश्याम अग्रवाल एवं श्रीमती कृष्णा देवी द्वारा गीता प्रचार अभियान का शुभारंभ किया गया लखनऊ में संयोजिका श्रीमती रश्मि द्वारा राधा कृष्ण मंदिर में संकीर्तन के दौरान गीता प्रचार किया गया। कोलकाता में संयोजिका श्रीमती श्रीमती विजया रावत गीता प्रचार अभियान में सक्रिय कार्य किया। गीता प्रचार अभियान के प्रमुख कैलाश मंथन ने बताया अब तक तेरह प्रांत में करीम डेढ लाख गीता की प्रतियां निशुल्क बांटी जा चुकी हैं।
*भगवान धन्वंतरी की पूजा एवं गीता वितरण अभियान के साथ हुआ दीपोत्सव का शुभारंभ
15 दिवसीय दीपोत्सव पर्व का शुभारंभ धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरी की पूजा एवं दीप प्रज्जवलित कर हुआ। चिंतन हाउस सर्राफा बाजार में प्रात: कालीन बेला में हुए धार्मिक अनुष्ठान एवं बौद्धिक चिंतन के दौरान भगवान धन्वंतरी एवं श्री महालक्ष्मी के प्राकट्य पर हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने प्रकाश डाला। इस मौके पर उन्होंने कहा कि धनतेरस पर भगवान धनवंतरी की पूजा होती है।* धनतेरस के दिन इनकी पूजा करने से धन, स्वास्थ्य और आयु बढ़ती है। धनवंतरी चिकित्सा के देवता भी हैं इसलिए उनसे अच्छे स्वास्थ्य की भी कामना की जाती है। धनवंतरी को हिन्दू धर्म में देवताओं के वैद्य माना जाता है। ये एक महान चिकित्सक थे जिन्हें देव पद प्राप्त हुआ। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये भगवान विष्णु के अवतार समझे जाते हैं। इनका पृथ्वी लोक में अवतरण समुद्र मंथन के समय हुआ था।*
*हिउस प्रमुख कैलाश मंथन ने कहा कि दीपावली के दो दिन पूर्व धनतेरस को भगवान धन्वंतरी का जन्म धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन इन्होंने आयुर्वेद का भी प्रादुर्भाव किया था।




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