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सत्य के साधक को सिद्ध होती हैं मां सरस्वती- कैलाश मंथन

सत्य के साधक को सिद्ध होती हैं मां सरस्वती- कैलाश मंथन

बसंत पंचमी पर हुए भव्य कार्यक्रम, धार्मिक केंद्रों पर बसंती रंग की बहार छाई 

पुष्टीमार्गीय केंद्रों पर हुआ 40 दिवसीय फाग महोत्सव का शुभारंभ


गुना। बुद्धि की देवी मां सरस्वती के ध्यान से विद्या सद्बुद्धि की प्राप्ति होती है। सत्य के साधक को मां सरस्वती सिद्ध होती हैं। वाणी की पवित्रता मां वीणा पाणि की आराधना से सिद्ध होती है। सरस्वती जयंती बसंत पंचमी पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान विराट हिन्दू उत्सव समिति के संस्थापक कैलाश मंथन ने कहा कि सनातन धर्म में मां सरस्वती की आराधना के बिना सद्बुद्धि की प्राप्ति नहीं हो सकती। जिसने भी सरस्वती की आराधना की उसे महान बुद्धि, यश की प्राप्ति हुई। महर्षि वाल्मिकी, वेदव्यास, महामुनि शुकदेव जी से लेकर पुराण, उपनिषद, साहित्य सृजन करने वाले महान लेखकों को सरस्वती सिद्ध हुई। सभी आध्यात्मिक ग्रंथों  की रचना मां सरस्वती की कृपा से ही संभव हुई। बसंत पंचमी युग परिवर्तन की प्रतीक है, बसंत ऋतु संपूर्ण सृष्टि को आनंद उल्लास में डुबाती है। मां सरस्वती की कृपा से ही अवतारों ने सृष्टि के हित में श्रेष्ठ बुद्धि रखकर सारे कार्य संचालित किए। श्रीमद् भागवत गीता में भगवान बसंत ऋतु को अपना ही स्वरूप  बताया है 'ऋतुनाम कुसुमाकरः'। प्रात: काल श्री गोवर्धन नाथ जी के मंदिर में बसंत पंचमी से 40 दिवसीय फाग महोत्सव का शुभारंभ हुआ । जो धुलेंडी दोलोत्सव तक चलेगा। श्रीनाथजी मंदिर के 21 वें स्थापना दिवस के अवसर पर पालना श्री नंद महोत्सव मनाया गया। चिंतन मंच के तहत मां सरस्वती की पूजन अर्चना की गई। पीजी कॉलेज में मां सरस्वती के मंदिर में भी पूजा अर्चना की गई ।शहर के प्रमुख मंदिरों में विराट हिउस के तहत हुए धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। अनेकों स्थानों पर सोमवार को भी बसंत पंचमी मनाई जाएगी। चिंतन मंच के तहत चितंन हाउस सर्राफा बाजार में गोष्ठी एवं सरस्वती पूजन का आयोजन हुआ।

#पुष्टिमार्गीय केंद्रों पर मनाया गया बसंतोत्सव, 40 दिवसीय फागोत्सव का हुआ शुभारंभ अंचल में ग्रामीण क्षेत्र के 127पुष्टिमार्गीय केंद्रों पर बसंत पंचमी के तहत विशेष मनोरथ सिद्ध किए गए। मंदिरों, सत्संग मंडलों में बसंत पंचमी पर वार्ता प्रसंग, आरती बसंती रंग की बौछार आदि धार्मिक अनुष्ठान किए गए। अंतर्राष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय वैष्णव परिषद के प्रांतीय प्रचार प्रमुख कैलाश मंथन के मुताबिक भक्ति मार्ग में बसंतोत्सव के फाग महोत्सव एवं भगवान के साथ होली खेलकर भक्त भक्ति के रंग जाते हैं यह उत्सव दो माह तक चलता है। बसंत पंचमी के मौके पर श्रीनाथ मंदिर पर पाटोत्सव संपन्न हुआ।

 श्रीनाथजी मंदिर का पाटोत्सव सप्ताह, 6 को होगा समापन

अंतर्राष्ट्रीय पुष्टीमार्गीय वैष्णव परिषद मध्य प्रदेश के प्रांतीय प्रचार प्रमुख कैलाश मंथन ने बताया  गुना मुख्यालय के श्रीनाथ जी मंदिर में महाराजश्री शरद बाबा की मौजूदगी में 21वें पाटोत्सव की पूर्णाहुति होगी।वहीं बमोरी क्षेत्र के साबरामोदी ग्राम में समस्त पुष्टिमार्गीय वैष्णव समाज की ओर से 6 से13फरवरी फाग महोत्सव के तहत युवा आचार्य श्री गोवर्धनेश श्री दर्शन कुमार जी महोदय श्री के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा का रसपान वैष्णव जन करेंगे। बमोरी क्षेत्र में में गोस्वामीजी शरदकुमार जी के सानिध्य में बसंत फाग महोत्सव मनाया जाएगा।

ठाकुर जी के साथ भक्ति के रंग में खेलेंगे होली

ग्रामीण अंचलों में गोस्वामी श्री दर्शन कुमारजी महोदयश्री के सानिध्य में खुटियारी, लालोनी, मंगरोडा, बागेरी, टकोदिया, डूमेला, बिलोदा, अरव्यापार, सारसेला, खासखेड़ा, खुटियारी, आरी, बरोदिया, निवेरी ,सुहाया, सावरामोदी, भिडरा, पांचौरा, बनेह रामनगर, रतनपुरा सहित अनेको गांवों में युवा अचार्य श्री गोवर्धनेशजी के सानिध्य में वैष्णवजन श्री ठाकुर जी के साथ भक्ति के रंग में होली खेलेंगे।

 मंदिरों में हुई बसंत पंचमी पर विशेष आरती

अंचल के प्रमुख मंदिरों में बसंत उत्सव उल्लास के साथ मनाया गया। हिउस प्रमुख कैलाश मंथन के मुताबिक अंचल के प्रमुख मंदिरों में बसंतोत्सव पर भगवान की विशेष आरती एवं प्राकृतिक टेसु के रंगों का प्रयोग कर भगवान की ओर भक्तों की ओर बौछार करने का प्रचलन है। श्री द्वारकाधीश मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों पर बसंत पंचमी महोत्सव पर रंग गुलाल लगाए गए एवं ठाकुरजी की आरती की गई।

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