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आधुनिक जीवनशैली और रसायनिक पर्यावरण से कैंसर बीमारी बढने का खतरा

आधुनिक जीवनशैली और रसायनिक पर्यावरण से कैंसर बीमारी बढने का खतरा


आगरा -शहर शहर गांव गांव कैंसर की बीमारी तेजी से फैल रही हैं इसका कारण दैनिक जीवन में बढता प्लास्टिक व पॉलिथिन, रसायनिक व धातुओ के मिश्रित वायु प्रदूषण, ई कचरा प्रदूषण, रसायनिक कीटनाशक और जैव चिकित्सा प्रदूषण की पर्यावरणीय पस्थितियां कैंसर का मुख्य कारण बन चुकी हैं इसकी रोकथाम की जागरुकता के लिऐ विष्व कैंसर दिवस 4 फरवरी के उपलक्ष्य में कुलदीपिका सिंह मैमोरियल पर्यावरण जागरुकता अभियान के तहत स्वाधीन पर्यावरण व सामाजिक कार्यकर्ता सुचेताहम्बीर सिंह गांव व षहर में लोगों को जागरुक करने एक सप्तीय जागरुकता अभियान आयोजित किया कि कैंसर कारक अन्य कारणों धूम्रपान व गुटखा/तम्बाकू; षराब का सेवन; गलत खाना-पीना; गलत जीवन षैली; हाईवोल्टेज बिजली के तारों के पास रहने, अनुवांषिकता, गंदे नालों के पानी से फसलों को उगाना आदि से बचें हैं। चिकित्सा अध्ययनों के अनुसार बर्श 2023 में करीब 15 लाख नऐ कैंसर पीडित लोग बढे, जिनमें 50 प्रतिषत से अधिक (712758) महिलाऐं सभी प्रकार के कैंसर से ग्रस्त हैं हर 29 महिलाओं में एक को स्तन कैंसर की संभावना है। कैंसर के कारण 2020 में करीब 9 लाख लोगों की मौत हुई जिसके निरंतर बढने की संभावना है, करीब 6 लाख केवल मुंह, जीभ के कैंसर के मरीज मिले। 2022 में पहले नंबर पर महिला स्तन कैंसर करीब 1.92 लाख नए मामले सामने आऐ दूसरे नंबर पर कैंसर तंम्बाकू व पान मसाला के करीब 1.43 लाख व तीसरे नम्बर पर बच्चादानी का कैंसर है पेपीलोमा वाईरस संक्रमण से योनि कैंसर तथा हेपेटाईटस बी और सी सेे लीवर कैंसर खराब खाना व वंषानुगत कारणों से भी हैं। उप्र में सर्वाधिक नऐ कैंसर मरीज करीब 2.11 लाख (2022) मिले। देष में हर 4 मिनट में एक महिला को स्तन कैंसर का पता लग रहा है और इससे एक दिन में करीब 270 महिलाओं की मौत हो रही हैं। देष में तंम्बाकू व गुटखा व महिलाओं के छाती के कैंसर के मरीज हर साल बढ रहे हैं। अत्यधिक कीटनाषकों के उपयोग से जमीन, पानी, तालाबों, नहरों, सब्जियों, अनाजों व पषुओं के चारे में कई कीटनाषक पाए गए और इन्ही गांवों में बच्चों, महिलाओं व मनुश्यों में कैंसर के मरीज भी अधिक हैं। देष में मिजोरम, हरियाणा, दिल्ली, उप्र, आदि में कैंसर बहुत है जिसके नियंत्रण के लिए सिंह ने लोगों को कैंसर बीमारी के प्रति सजग रहने, कैंसर के कारणों व बचाव के लिए विस्तृत रुप से ई मीडिया, पोस्टर द्वारा बताया और महिलाओं को संदेह होने पर पेपस्मीयर व मैमोग्राफी जैसे परीक्षणों की सहायता की जागरुकता के लिऐ आगरा जिला के गांव छलेसर, कुंडोल, कुबेरपुर, षासकीय व प्राईवेट स्कूलों नगला रामबल, छलेसर, पुरागोवर्धन, लोधीपुरा, धौररु व ग्रीन इंटरनेषनल स्कूल, जगदम्बा इंटर कोलेज टेडी बगिया में छात्रों व लोगों को देसी कीटनाषकों, खान पीन में प्लास्टिक के बर्तनों का उपयोग न करें, इलेक्ट्रोनिक कचरा प्रबंधन, ठंड से बचने प्लास्टिक व पॉलिथिन को न जलाऐं, महिलाऐं चूल्हे में पॉलिथिन न जलाने, स्वच्छता तथा उचित जीवन षैली अपनाने के लिए सलाह दी।

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